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Thursday, October 1, 2026

मोहनदास करमचंद गांधी

 गाँधी जयंती।

एस. अनंत कृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु 

2-10-26.

 गाँधी तो आज जातिवाचक है।

 वह व्यापार विशेष है

 जैसे वैश्य/चेट्टियार।

 यहाँ मोहनदास करमचंद गांधी जी,

 जिनका जन्म 2अक्तूबर 1869ई. में गुजरात के पोरबंदर में हुआ।

उन्होंने पहले दक्षिण अफ्रीका में सत्याग्रह 

आरंभ किया।

 उसकी प्रेरणा दी

 तमिलनाडु की एक महिला तिल्लैयाडी वळ्ळियम्मै।

गाँधीजी महात्मा की दूरदर्शिता के कारण 

 चेन्नई में दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा की स्थापना।

 हिंदी प्रचार में उनकी लगन।

 हिंदी विरोधी कहनेवाले 

 ईवेरामशामी के यहांँ

 हिंदी का प्रचार।

1965से  हिंदी विरोध।

 बाद में बनी सरकार हिंदी के विरुद्ध प्रचार।

 स्कूलों में हिंदी नहीं।

 अगर महात्मा गांधी स्थापित  हिंदी प्रचार नहीं है तो तमिलनाडु में हिंदी सीखने की व्यवस्था नहीं।

धन्य मोहनदास करमचंद गांधी जिनके कारण हिंदी का प्रचार 

 आज भी तमिल नाडु में।

  हिंदू मुस्लिम इसाई धार्मिक एकता केलिए 

 रघुपति राघव राजा राम धार्मिक गीत को

 राष्ट्रीय एकता के गीत में बदला।

मूल रूप ः---

रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम।

सुंदर विग्रह मेघश्याम, गंगा तुलसी शालग्राम।

भद्रगिरीश्वर सीताराम, भगत-जनप्रिय सीताराम।

जानकीरमणा सीताराम, जयजय राघव सीताराम।

रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम।

इसको स्वतंत्रता संग्राम में मजहबी एकता के लिए यों ही बदल दिया 

रघुपति राघव राजा राम 

ईश्वर अल्लाह तेरो नाम सबको सन्मति दे भगवान।।

 राष्ट्र की एकता के लिए एक राष्ट्र भाषा हिंदी का प्रचार।

नारा था--

एक राष्ट्र भाषा हिंदी हो एक हृदय हो भारत जननी।

 विश्व वंद्य नेता   

इसलिए बने

 स्वतंत्रता संग्रामके अस्त्र-शस्त्र 

सत्याग्रह ।

 अहिंसात्मक क्रांति 

 विदेशी कपड़ों का बहिष्कार।।

स्वदेशी अपनाओ 

 खाली कपड़ों का प्रचार।

धन्य मोहनदास करमचंद गांधी,

जिन्होंने भारत को स्वतंत्रता दिलायी।

जय भारत।

जय महात्मा मोहनदास करमचंद गांधी।

उनका मार्ग अनुकरणीय और चिर स्मरणीय है।

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