भाग्य शाली
एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु।
कोई भाग्य शाली है या नहीं,
उसके जन्म से ही पता चल जाता है।
राजमहल में जन्मे
सिद्धार्थ के जन्म लेते ही ज्योतिषी ने कहा ,
यह संन्यासी बनेगा।
एक का जन्म फुटपाथ पर,
किसी का जन्म रंक के घर
किसी का जन्म रईस के यहाँ।
कोई कोई जन्म से अपाहिज।
दीर्घ रोगी,दरिद्री।
फिर भी भाग्य चमकती सबकी।
बेवकूफ बना महाकवि कालिदास।
महारथी कर्ण बना अनाथ।
दासी का राजपुत्र विदुर।
सुदामा भाग्यशाली बना , सहपाठी सखा श्री कृष्ण के द्वारा।
चायवाला बना अपने मेहनत से
भारत का प्रधानमंत्री।
प्रधान मंत्री राजीव का बेटा बना पप्पू।
भाग्यशाली बना
अपने भाग्य से।
न जाने कौन भाग्य शाली,कौन अभागा।
उर्मिला ,यशोधरा
भाग्य शाली या अभाग्यशाली।।
अचानक दुर्योधन की मित्रता कर्ण को अंग नरेश बनाया।
पांडव को वनवासी।
युद्ध में पांडव जीतकर भी उदाशी।
भाग्य शाली बनते हैं
परिश्रमी और भगवान का अनुग्रह प्राप्त मानव।
गली के कुत्ते,
अमीर के कुत्ते।
भाग्यशाली कौन?
अभागा कौन ?
नवग्रहों की दृष्टि से।
नेपाल बाढ़, सुनामी, कोराना सब
भाग्यशाली को भी अनाथ बना दिया।
भाग्यशाली कौन पता नहीं चलता।
जीवन में भाग्य और दुर्भाग्य
सीता को रावण और धोबी के रूप में।
यही जिंदगी मानव की।