दोहरी बात।
एस. अनंत कृष्णन, चेन्नई
तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना
20-3-26.
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हमारे प्रांत में, केरल में,
पश्चिम बंगाल में असम,
पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव।
इस शुभ वेला में
दोहरी बात शीर्षक।
पिछले चुनाव में
विपक्षी, अब सपक्षी।
एक तालाब में पानी सूखने पर
पानी भरे तालाब में
पक्षी बस्ते।
यों ही दोहरी बात के
राजनीतिज्ञ,
तितलियों की तरह।
मतदाता भी धन देखते ही दोहरी बातें।
वहीं वादा जो पिछले चुनाव में वही नये रूप में वादा।
ऊपरी जिह्वा एक बात,
अंतर्मन एक बात।
जो भी हो
भारत में 30% मत नहीं देते।
राम हो या रावण,
हमारी जिंदगी अपने हाथ।
ज्योतिष तो असली दुर्लभ।
अनेक ज्योतिष फुटपाथ पर।
उनकी दोहरी बात अति चालाकी।
आज की राशि के अनुसार पुत्र होगा।
पत्नी के ग्रह दशा विपरीत।
दस दिन के बाद
परिवर्तन संभव।
हो सकता है पुत्री भी।
आठ बजे प्रसव पीडा,
तब तो समय प्रतिकूल।
साढ़े आठ बजे तो
मनोनुकूल सिद्ध होगा।
चुनाव में संगति का फल
उनके ग्रह और गुण दोष का प्रभाव होगा।
भगवान में भी शांत,
क्रूर भगवान।
आम में भी खट्टे मीठे फल।
दुरंगी दुनिया दुरंगी बातें।
पंच पांडवों के गुण एक नहीं
बातें भी भिन्न।
रावण के गुण विभीषण के विपरीत।
राम शांत है तो लक्ष्मण क्रोधी।
राम के नाम मर्यादा पुरुषोत्तम
कृष्ण तो लोक रंजक और लोक रंजन।
यों ही दोहरी बातें
चल अचल संपत्ति की चाह।
यह तो प्रकृति का सहज गुण।
पानी में भी दोहरी बात।