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Wednesday, March 11, 2026

युद्ध और शांति

 नमस्ते वणक्कम्।

 युद्ध और शांती

 भू भार कम होने युद्ध।

भू भार बढ़ने शांति।

भू भार कम होने प्राकृतिक कोप।

 मानव दूंगी रहने

 काम क्रोध मद लोभ।

मानव ईश्वर का स्मरण करने

 रोग, ग़रीबी, दुर्घटना मृत्यु आर्थिक 

 निस्संतान संकट।

 योग्य माता पिता पति पत्नी 

न मिलने का संकट।

 जीवन संग्राम

 प्रकृति के ऋतु चक्र।

 पतझड़  में मृत्यु का संदेश।

 वसंत में  पुनर्जन्म का संदेश।

 अतिवर्षा का आक्रमण 

 अति अकाल वर्षा रहित।

 भूलोक जीवन संघर्षशील।

 एस‌ अनंत कृष्णन, चेन्नई 

सौहार्द सम्मान प्राप्त हिंदी सेवक

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