विश्व रंगमंच दिवस।
एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई
तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना
28-3-26.
समाज में क्रांति लाने,
सुप्त जनता को जगाने
नये विचार चिंतन बढाने
नाटक और अभिनेता का मुख्य अंग रहा।
जीवन में नारियों के
जागृत करने
आज़ादी के संग्राम में
देश भक्ति जगाने
अंग्रेजों के दमन नीति से
उनके आँखों में धूल झोंकने,
भक्ति वेश मैं अंग्रेज़ी अत्याचार के विरुद्ध
स्वतंत्रता की भावना जगाने अंग्रेज़ी के विरुद्ध
लड़ने प्रेरित करने रंगमंच का
अपना महत्व रहा।
चित्रपट संसार के आने के बाद नाटक का महत्व कम होने लगा।
गाँवों में लोकगीत के द्वारा रामायण, महाभारत, सत्य हरिश्चन्द्र नाटक आदि का प्रचार
आ सेतु हिमाचल तक
विचारात्मक एकता लाने
बहुत बड़ा हाथ दिया।
ऐसे रंगमंच के अभिनेता, अभिनेत्री और अन्य कलाकारों को
सम्मान देने विश्व
रंगमंच दिवस
मनाने लगे।
शेक्सपियर के नाटक
अति प्रसिद्ध रहा।
देश भक्ति भरे गीत
भगवद्भक्ति
समाज सुधार आदि में
नाटक का महत्वपूर्ण स्थान रहा।
बिना मैक के ही
उस जमाने के अभिनेता के स्वर दूर दूर तक सुनाई पड़ती थी।
अभिनेता उस जमाने में
गायक भी होते थे।
अतः विश्व रंगमंच दिवस
हर साल 27-3-26 को
मनाया जाता है।
जय नाटक रंगमंच
प्राचीन कला की याद दिलाने यह दिन अति आवश्यक है।
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