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Monday, March 30, 2026

नयी सुबह का सूरज

 नयी सुबह का सूरज

एस.अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना 

31-3-26

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मानव सदा अपने  जीवन में उजाला ही चाहता है।

अंधकार मय जीवन 

 दुखपूर्ण ही है।

 हर कोई अपने जीवन में 

 सूर्योदय की प्रतीक्षा करता है।

 व्यापार में बड़ा लाभ 

 जिस दिन होगा,

वहीं नयी सुबह का सूरज होता है।

छात्र के परीक्षा फल में 

 अधिक अंक मिलें तो वहीं उसके जीवन में 

 नयी सुबह का सूर्योदय होता हैं।

बेकार युवक को नौकरी मिलने के दिन 

नयी सुबह की नयी किरणें जीवन में।

निस्संतान दंपति को जिस दिन पुत्र होता है,

वह सुबह उसके जीवन

 सार्थकता का सूर्योदय होता है।

 हर  मनुष्य के सुदीर्घ प्रार्थना मनोवांछित इच्छा पूरी होने पर  वह दिन 

 नयी सुबह,

 नयी आशा का

  सूर्योदय होता है।

 पदोन्नति के दिन 

की नयी सुबह  

नयी लालिमा अति आनंदोल्लास  की सुबह होती है।




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