संकल्प की मशाल।
एस. अनंत कृष्णन, चेन्नई , तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना।
2-4-26.
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मानव तो अपने जीवन में
नाम पाना चाहता है।
धन कमाना चाहता है।
अपना गौरव चाहता है।
स्वाभिमान चाहता है।
पदोन्नति चाहता है।
नेता, अभिनेता बनना ,
गायक बनना,
देश की सेवा करना,
सैनिक बनना
समाज सेवा करना,
आध्यात्मिक सेवा में लगना,
भगवान के दर्शन में ध्यान लगाना,
कवि बनना और कवयित्री बनना,
ज्ञान पीठ, साहित्य अकादमी पुरस्कार पाना,
विमान का चालक बनना,
वैज्ञानिक बनना
विविध विचार।
हर एक की अपनी अपनी तमन्नाएँ हैं,
अपना अपना मंजिल है,
अपनी आकांक्षाओं के
शिखर पर पहुंचने
संकल्प की मशाल जलाना चाहिए।
वह प्रकाश देकर
प्रेरित करेगा।
अग्रसर होने के लिए
प्रोत्साहित करेगा।
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