नमस्ते। वणक्कम्
विश्व पृथ्वी दिवस
एस. अनंत कृष्णन, चेन्नई
23-04-2026
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वैज्ञानिक साधनों के
निरंतर आविष्कारों के साथ-साथ,
बढ़ती जनसंख्या के साथ-साथ,
झीलों और नदियों की
घटती चौड़ाई और गहराई के साथ-साथ,
जंगलों के विनाश और
तेज़ी से बढ़ते नगरीकरण के साथ-साथ,
विश्वभर में एक गंभीर समस्या खड़ी है—
हमारी पृथ्वी को
कैसे प्रदूषण-मुक्त बनाया जाए?
इसी चिंता के समाधान हेतु,
भूमि को समृद्ध बनाने के लिए,
"हमारी शक्ति, हमारा गृह"
का नारा
22 अप्रैल 1970 को
गेलार्ड नेल्सन
द्वारा दिया गया।
यह प्रेरणा
1969 में सांता बारबरा तेल रिसाव
जैसी पर्यावरणीय त्रासदी से भी मिली।
तभी से, पृथ्वी को समृद्ध बनाने,
पेड़-पौधे लगाने,
और विभिन्न प्रकार के प्रदूषण से
धरती को बचाने के उद्देश्य से
विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है,
ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े।
आज हम देख रहे हैं—
मौसम में असंतुलन,
जंगली जीव-जंतुओं का लुप्त होना,
स्वार्थवश पेड़-पौधों का विनाश,
मानव की लापरवाही से बढ़ता प्रदूषण,
उपजाऊ भूमि का कारखानों में परिवर्तन,
आवागमन के साधनों से ध्वनि प्रदूषण,
धुएँ और धूम्रपान से वायु प्रदूषण,
और ऊँची इमारतों के कारण
भूतल जल का लगातार घटना।
इन सभी चुनौतियों से
पृथ्वी की रक्षा के लिए
हमें जागरूक और संकल्पित होना होगा।
विश्व पृथ्वी दिवस
सिर्फ एक दिन नहीं,
बल्कि एक संकल्प है—
धरती को बचाने का,
आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने का।
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