Daily challenge आजकी कविता।
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तारों की दुनिया।
तार आकाश में
वह अलग दुनिया,
चमकते तारे
आंखों के प्यारे।
उसमें ध्रुवतारा है,
शासकों और देश को
भयभीत को भयभीत करनेवाले धूम्रकेतु है।
नक्षत्र प्रपंच के विचित्र
चमकनेवाले
अरबों की संख्या है।
ज्योतिष शास्त्र में
27नक्षत्र हैं।
मानव की जन्म कुंडली
के आधार पर
नक्षत्र परिणाम,
भाग्य निर्णय करके
मानव की सृष्टि।
माता-पिता के द्वारा
जन्म लेने पर भी
जीवन क्रियाकलाप
सूक्ष्म शक्ति ईश्वरीय देन।
राजकुमार सिद्धार्थ के
जन्म लेते ही
जन्म नक्षत्र ने बताया
राजकुमार राजा नहीं,
संन्यासी बनेगा।
भारतीय शास्त्र बताते हैं,
"जननी जन्म सौख्यानां वर्धनी कुलसंपदाम्, पदवी पूर्वपुण्यानां लिख्यते जन्मपत्रिका"
27नक्षत्रों के आधार पर
मनुष्य जन्म का सुख दुख निर्भर है।
टूटते तारे देखना अपशकुन माना जाता है।
चमकते तारे आकाश में।
भूलोक में बिजली के आविष्कार के कारण,
पहाड़ की चोटी पर से
घाटी पर देखने पर
भूलोक में कृत्रिम नक्षत्र चमकते हैं।
देश में अपूर्व अद्भुत कार्य करके,
सितारे हिंद अलग
इतिहास में नाम पाये
देश भक्त शहीद,
ऋषि मुनि युगावतार पुरुष, अभिनेता अभिनेत्री चमकते सितारे।
आसमान में चमकते तारे,
जग भाग्य विधाता
मानव मानव की विधि की विडंबना बतानेवाले,
भूलोक के महापुरुष
जनकल्याण करके
चमकते सितारे।
अतः तारों की दुनिया
भूलोक के महापुरुष
सितारे हिंद
मानव कल्याण के
निर्माता,
उनकी दुनिया
चमकीला,
रंगीला।
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