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Tuesday, April 21, 2026

आँसू के प्रकार

 नमस्ते।

आपकी रचना में विषय बहुत सुंदर और गहरा है—“आँसू” जैसे साधारण दिखने वाले भाव के अनेक रूप आपने छूने की कोशिश की है। 

आँसुओं की शक्ति

एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई

22-4-26

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आँसुओं की शक्ति

अति अपूर्व है।

शिशु के जन्म लेते ही

उसका रोना — ईश्वरीय देन है।

यदि शिशु चुप रहे,

तो माँ व्याकुल हो जाती है।

महादेवी वर्मा का संस्मरण

“वह चीनी भाई” याद आता है।

चोरों का एक नेता

बालकों को सिखाता था—

चोरी में पकड़े जाने पर

आँसू कैसे बहाने हैं।

जनता के सामने,

पुलिस के सामने,

भीख माँगते समय—

रोने के ढंग अलग-अलग होते हैं।

अध्यापक की मार से बचने के आँसू अलग,

खिलौने पाने के लिए बच्चों के आँसू अलग,

जिद के आँसू अलग।

प्रेमी-प्रेमिका के

दीर्घ वियोग के बाद

मिलन के आँसू भी अलग होते हैं।

एक गीत याद आता है—

“बादल रोए, नयना रोए…”

विलाप के आँसू,

शव के सामने बहते आँसू—

कितने मर्मस्पर्शी होते हैं।

ईश्वर के ध्यान में

भक्ति-रस से भरे आँसू—

वे आनंदाश्रु होते हैं।

एकाग्र ध्यान में बहते आँसू,

धूल पड़ने से आए आँसू,

प्याज के कारण निकले आँसू—

हर एक का कारण अलग है।

संसार में

हर आँसू का

अपना अलग महत्व है।

🌱 प्रोत्साहन और सुझाव

आपकी सोच बहुत समृद्ध है—आपने आँसुओं के सामाजिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक तीनों रूपों को छुआ है। यह आपकी ताकत है।


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