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Wednesday, November 4, 2020

கணவன் மனைவி புரிதல்पति पत्नी

 नमस्ते। वणक्कम।। வணக்கம் /நமஸ்தே!

கணவன் மனைவி இருவருக்குள்

புரிதல் அவசியம்.

शीर्षक : पति-पत्नी में 

         आपसी समझ जरूरी है।।


दिनांक --4-११-२०२० कवि कुटुंब।। கவி குடும்பம் கொடுத்த தலைப்பு.

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இறந்த காலத்தை நினைத்தேன்,

காந்தீஜி-கஸ்தூரி பாயி இருவரில்

புரிதல் இல்லை என்றால்

மோகன்தாஸ் கரம்சந்த் காந்தி

மஹாத்மா காந்தி ஆகியிருக்க முடியாது.

நவீன காலம் போல் விவாகரத்து

 வழக்கு தான்.

இந்திரா, ஃபெரோஸ் கான் இருவரில்

புரிதல் இருந்திருந்தால்,

இந்திரா ஃபெரோஸ் கான்

இந்திரா காந்தி ஆகியிருக்க மாட்டார்கள்.

கான் வம்சம் காந்தி வம்சமாக மாறிஇருக்காது.

ஊர்மிளா-லக்ஷமண்,ராமர்-சீதை

இவர்களுக்குள் புரிதல் 

இல்லை என்றால்

நள-தமயந்தி புரிதல் இல்லை என்றால்?

சற்றே சிந்தியுங்கள்.

நவீனகால செய்திகள்

பட்டதாரி-முதுகலைப்பட்டதாரிகள்

சந்தேகம், விவாகரத்து,காதல்,

கணவன் மனைவிக்கும் புரிதல் இல்லை

என்பதே மூலகாரணம்.

மேலை நாட்டு க் கலாச்சாரத்தையே 

படித்த சமுதாயம் பின்பற்றுகிறது.

43ஆண்டுகள் வாழ்க்கை புரிதல் இன்றி

எப்படி நடக்கும்.அமைதி எங்கே?!


 


भूतकाल सोचा,

गांधीजी कस्तूरी बाई में 

आपसी समझ न तो

मोहनदास करमचंद गांधी

महात्मा गांधीजी ने बनते।

आधुनिक काल समान,

तलाक मुकद्दमा चलाते।।

इंदिरा गांधी जी फेरोज में

आपसी समझ हो तो

इंदिरा फेरोज खान का वंश

गांधीजी वंश न बदलता।।

उर्मिला लक्ष्मण में ,

सीता व राम में आपसी समझ न तो

नल दमयंती में आपसी समझ न तो

जरा सोचिए आधुनिक ताज़ी खबरें

स्नातक व स्नातकोत्तर में संदेह,

अवैध संबंध, तलाक,

मूल कारण है  पति-पत्नी में आपसी समझ न होना, 

संदेह,लोभ ।।

पाश्चात्य देशों के अनुकरण में

आधुनिक भारतीय शिक्षित समाज।।


तैंतालीस साल  में ,

 आपसी  समझ न तो

शांति कहां।

सुखी दाम्पत्य 

 जीवन का आधार,

आपसी समझ ।।

अनंतकृष्णन,चेन्नै।

Saturday, October 31, 2020

बिदाई /जुदाई

 शीर्षक --विदाई/जुदाई।

मेरे बेटे-बेटियों की बिदाई,
अंतर्जाल मुलाकात अति आनंद।।
बिदाई में हम मानसिक दुख-सुख ।।
नोकरी मिली, अमेरिका रवाना हुए,
हवाई अड्डे पर विदाई आंसू,
विदाई में प्रसन्नता-अप्रसन्नता।।
राम वनवास,लक्ष्मण भी साथ।
उर्मिला के मन में जुदाई का दुख हो या न हो,
मैथिली शरण गुप्त "साकेत" की सृष्टि।।
यशोधरा का विलाप यह जुदाई।।
जवान सैनिक की विदाई,पत्नी की जुदाई।।
सब श्रेष्ठ कवियों के यथार्थ-आदर्श चित्र लेखन।।
पाठकों के मन में व्याकुल।
चित्र पट पर आंखों में अश्रु बहना।।
विदाई में प्रसन्नता-अप्रसन्नता के लक्षण।
जुदाई में दुख की मनोदशा,
उर्मिला,शकुंतला, यशोधरा ही जाने।
उनकी मनोदशा कवि गुप्त ही जाने।।
वियोग श्रृंगार रस विशिष्ट दुखप्रद।।
यशोधरा सखी!कहकर जाते।
सिद्धार्थ की निर्ममता के दृश्य।।
स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै।।

शरद पूर्णिमा

 पूर्णिमा अति चाँदनी।
 नील चाँद ,लक्ष्मी देवी का संतोष।

मिलें सबको लक्ष्मी कृपा ,न तो कैसे भरते L K G को
मातृ भाषा भूलने एक लाख.
आज यही कामना देवी ,
भारतीय भाषाओं के प्रति
जनता की प्रीती बढ़ जाएँ।
भारतीय भाषा ही भारत में शिक्षा का माध्यम बने।
भारतीय भाषा ही जीविकोपार्जन का आधार बने। .
यहाँ धन प्रधान वैपारिक लाभ की शिक्षा।
टाई ,शू ,बेडज कमिसन के लिए अनिवार्य।

Thursday, October 29, 2020

समय

समय 

समय चूकना अवसर गंवाना।।

दुख में सुमिरन सब करें,

सुख में करै न कोय।।

नयन खराब होने के बाद,

सूर्य नमस्कार।।

अच्छे दिन पाछे गये,

अब पछताने से होत क्या?

चिड़िया चुग गई खेत तो 

हरी से करता होत ।।

जवानी चली गई तो बुढ़ापे में

पछताना बेकार है।।

दांतों में अखरूट बुढ़ापे में

तोड़ना कैसे?

समय चूकना अवसर गंवाना।

बुढ़ापे में विवाह करना,

निर्मल नहीं,मल ही जान।।

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै

जुवन/प्रकृति



जीवन/प्रकृति।

संचालक,समन्वयक,प्रशासक, सदस्य,पाठक

चाहक सबको नमस्कार। वणक्कम ।तमिलनाडु के हिंदी

प्रेमी अनंत कृष्णन चेन्नै का।।

 प्रकृति सहज प्रतिक्रिया के बिना,

दो बिंदुओं के मिलन से उत्पन्न मानव

अन्य पशु पक्षी का जीवन कैसे संभव?

प्रकृति की देन तरकारियो के बिना 

जिंदा रहना कैसे?

सूर्य की धूप भाप बिना वर्षा कैसे?

वायु देव के बिना सांस लेना कैसे?

पंच तत्त्व रहित पद,अधिकार,धन-दौलत 

आदि  का भोग कैसे?

बुढ़ापे,मृत्यु बगैर भूमि का भार कैसे घटता।।

जीवन मृत्यु प्रकृति की देन।।

मौसम बदलना,छे ऋतुओं का चक्कर।।

जीवन के सुख का प्रतीक वसंत तो

पतझड़ दुख का।

परोपकार  की तुलना 

दान,त्याग के उदाहरण।

गर्मी का सुख। तरुतले।।

प्रकृति ओर जीवन भिन्न अभिन्न।

अंधे का जीवन,बहरे का जीवन

जन्मजात है तो इलाज कहां?

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै

काला चश्मा

 नमस्ते नमस्ते वणक्कम।।

३०/१०/२०२०.

शीर्षक: काला चश्मा।।

काला चश्मा आंखों को शीतल।

कामांध व्यक्ति के लिए विशेष उपयोगी।।

ताश खेल में सामने वाले के पत्ते देखने

सिनेमा में खलनायक के लिए सफलता निश्चित।।

काला चश्माधारी बदमाश,

बचपन में मेरी मां दादी की सीख।।

काले चश्म  गाली के पात्र।

एक अंधा काला चश्मा पहना,तो

वह बदमाश कैसा।

लड़कियां भी काला चश्मा पहनती।

गाली देना, बड़ों की सीख भी अंधानुकरण सही नहीं।।

काले चश्मा केटराक्ट शल्य चिकित्सा के बाद पहनना भी जरूरी।।

एक ही चीज़ के सदुपयोग और दुरुपयोग।

स्वरचित स्वचिंतक अनंतकृष्णन चेन्नै

சொப்பனம் /கனவு

 தமிழும் நானே ஹிந்தியும் நானே.

तमिल भी मैं , हिंदी भी मैं।
नमस्ते। वणक्कम। நமஸ்தே.வணக்கம்.
கனவு-சொப்பனம்.க்வாப்/சப்னா.
ख्वाब/सपना। २९-१०-२०२०29-10-2020
सपने साकार/निराकार। கனவு உருவமுள்ளது/உருவமற்றது.
सुफल कुफल के सपने। நற்பலன்/தீயபலன்கனவுகள்.
दिवा सपने कोई परिणाम नहीं।பகல் கனவு பலனற்றது.
तड़के के सपने सुपरिणाम। விடியற்காலையில் கனவுகள் நற்பலன் தருபவை.
सकारात्मक सपने, எதிர்மறைக் கனவுகள்.
जिन बातों को सोचते रहते हैं, நினைத்துக் கொண்டே இருப்பவையே கனவுகள்.
वही सपने में।
कथानायिका के सपने, கதாநாயகிக் கனவுகள்
सपने की लडकियां । கனவுகள் கன்னிகள்.
इसे अंग्रेजी में "ड्रीम गेल" இதை ஆங்கிலத்தில் ட்ரீம் கேல் சொல்வதில்
அதிகஆனந்தம்.
कहने में
अति आनंद।
आधुनिक लड़कियां ड्रीम बाय के सपने। நவீனப் பெண்கள் ட்ரீம் பாய்களின் கனவுகள்.
सपनों की रानी कब आएगी तू கனவு ராணியே எப்பொழுது வருவாய் என்று பாடுபவர்கள் அதிகம்.
गानेवाले अनेक।।
सपनों का भारत देखनेवाले कम।।பாரதக் கனவு காண்பவர்கள் குறைவு.
सपनों का अनुशासन देखनेवाले कम। ஒழுக்கக் கனவுகள் காண்பவர்கள் குறைவு.
गांवों की प्रगति, किसानों के खुशहाल के सपने कम।।
கிராமங்முன்னேற்றம்'விவசாயிகளின் மகிழ்ச்சி நிலைகளின் கனவுகள் குறைவு.
शहरीकरण,उद्योगीकरण के स्वप्नों को देखनेवाले अधिक।।
நகரமயமாக்கல்,தொழில்மயமாக்கல் கனவு காண்பவர்கள் அதிகம்.
मेरा सपना यही भावी पीढ़ी दाने-दाने कै लिए
என் கனவுகள் எதிர்காலத் தலைமுறையினர் ஒவ்வொரு காரியத்திற்காக கட்டாயமாகத் துடிப்பார்கள்.
तरसेगी जरूर।
यह तो तड़के का सपना। இது விடிகாலையில் கனவு.
சுய எழுத்தாளர் சுய சிந்தனை யாளர்
அனந்த கிருஷ்ணன் சென்னை.