भगवान के शरणार्थी को कोई नहीं चिंता.
प्रार्थना के बल से
कर्म फल की कठिन परीक्षा में
साहस और सहने की शक्ति मिलेगी.
कष्ट के समय धीरज, शांति, प्रयत्न में सफलता की आकांक्षा, वक्त आने पर भाग्योदय,
सफलता के शिखर पर पहुँच जाने का भरोसा,
अंत में सफलता.
पर एक बात पर सावधान..
सत्य, ईमानदारी, कर्तव्य पालन में तटस्थता,
सफलता के मूल है.
मानव जाति के दुख के मूल में क्रोध, लोभ, काम, अहंकार है, सौ प्रतिशत भगवान पर भरोसा रखना है.