नमस्ते वणक्कम्।
आपकी रचना में इतिहास, विज्ञान, संस्कृति और मानव सभ्यता का विस्तृत चिंतन अत्यंत सराहनीय है।
भाषा और प्रवाह को थोड़ा परिष्कृत करते हुए आपकी भावाभिव्यक्ति को सुंदर रूप में प्रस्तुत किया है।
विश्व संग्रहालय दिवस
एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई, तमिलनाडु
हिंदी प्रेमी प्रचारक, लेखक, अनुवादक, सौहार्द सम्मान प्राप्त हिंदी सेवी
19-5-26
++++++++++++
हम अब इक्कीसवीं शताब्दी में,
वैज्ञानिक युग में जी रहे हैं।
आवागमन में क्रांति,
चिकित्सा में क्रांति,
विचारों में क्रांति,
कृषि में क्रांति,
रसोई के चूल्हों से लेकर
आवास व्यवस्था तक
अनेक परिवर्तन हुए हैं।
आटा पीसने की चक्की से लेकर
आधुनिक शौचालयों तक
मानव जीवन बदल गया है।
अस्त्र-शस्त्रों में भी
पत्थर युग से लेकर
आज के ड्रोन युग तक
अद्भुत परिवर्तन आया है।
पाषाण युग से
प्लास्टिक युग तक की यात्रा,
सोना-चाँदी, वस्त्र,
खाद्य पदार्थों और
जीवन शैली में हुए परिवर्तनों को
नई पीढ़ी समझ सके,
इसी उद्देश्य से
प्राचीन अवशेषों,
भाषाओं, लिपियों,
ताड़पत्रों, शिलालेखों,
पुराने सिक्कों और
ऐतिहासिक वस्तुओं को
संग्रहित कर सुरक्षित रखा जाता है।
आदिकाल में वस्तु विनिमय व्यापार,
मानव, पशु-पक्षियों के स्वरूपों में परिवर्तन,
लुप्त होते जीव-जंतु,
उनकी सुरक्षा और स्मृतियाँ,
शिल्पकला और स्थापत्य कला—
इन सबका संरक्षण
संग्रहालयों में होता है।
युद्धों का इतिहास,
दंडनीति,
राजा-महाराजाओं के स्मारक,
अंतरिक्ष की खोजें,
गहरे समुद्र के रहस्य,
सूक्ष्म जीवों के चित्र,
पर्वत गुफाओं के निवास,
पर्णकुटियाँ और
ऋषि-मुनियों का जीवन—
इन सबकी झलक
संग्रहालयों में देखने को मिलती है।
राजाओं के चित्र,
कवियों और लेखकों की प्रतिमाएँ,
राजनीतिक और धार्मिक क्रांतियों के प्रमाण
नई पीढ़ी को
इतिहास से जोड़ते हैं।
Government Museum Chennai
चेन्नई के एग्मोर स्थित यह अजायबघर
ज्ञान और इतिहास का महत्वपूर्ण केंद्र है।
इसी प्रकार
British Museum
और
Smithsonian Institution
जैसे विश्व प्रसिद्ध संग्रहालय
मानव सभ्यता के अनमोल खजाने हैं।
संग्रहालय केवल
चित्ताकर्षक स्थान नहीं,
बल्कि मानव ज्ञान,
सभ्यता, संस्कृति, कला,
वाद्ययंत्रों, भाषाओं और
लिपियों के विकास का
अनंत ज्ञान-सागर हैं।
सचमुच,
संग्रहालय
अतीत को वर्तमान से जोड़कर
भविष्य को दिशा देने वाले
ज्ञान के अमूल्य केंद्र हैं।