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Saturday, September 19, 2026

प्रकाश का दीप

 

आज की चुनौती

प्रकाश का दीप

एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई, तमिलनाडु
20-9-26

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प्रकाश का दीप
मानव जीवन का साथी है।

बिजली के आविष्कार से पहले
मशाल ही प्रकाश का साधन थी।
रात के अँधेरे में
जुगनू भी प्रकाश की छोटी-सी किरण है।

अंधे के लिए
ब्रेल लिपि ज्ञान का प्रकाश है।
अज्ञानी के लिए
ज्ञान ही प्रकाश का दीप है।

बिजली के आविष्कार के बाद
मानव ने अँधेरे को
प्रकाश से भर दिया।

पहाड़ की चोटी से नीचे देखो—
शहरों की रोशनी
तारों की चमक जैसी दिखाई देती है।

मंदिर के अँधेरे गर्भगृह में
दीपक का प्रकाश
ईश्वर-दर्शन का माध्यम बनता है।

टॉर्च में प्रकाश का दीप है,
आज मोबाइल में भी
प्रकाश का दीप जलता है।

सिद्धार्थ को ज्ञान प्राप्त हुआ,
तो वे एशिया की ज्योति कहलाए।

पुत्र के जन्म से
कुल का दीप जलता है,
इसीलिए पुत्र को
कुलदीपक कहा जाता है।

प्रकाश के दीप में
रोशनी है,
ज्ञान के दीप में
अज्ञान का अंधकार दूर करने की शक्ति है।

सूर्य भी दीप है,
चंद्रमा भी दीप है।

प्रकाश का दीप
ईश्वर की अनुकंपा का प्रतीक है—
अनुग्रह का दीप।

नौकरी और वेतन
गृहस्थ जीवन चलाने के
आर्थिक दीप हैं।

दीपावली में
दीप-ज्योति अंधकार को दूर करती है।

आकाश में जलता
आकाशदीप
नाविकों और जहाजों को
मार्गदर्शन देता है।

हमारी आँखें भी
प्रकाश के दीप हैं।
नयन-ज्योति न हो
तो संसार अंधकारमय हो जाता है।

अतः प्रकाश केवल रोशनी नहीं,
प्रकाश ज्ञान है,
प्रकाश जीवन है,
प्रकाश आशा है,
और प्रकाश ही
ईश्वर की अनुकंपा का प्रतीक है।



प्रकाश का दीप।

एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु 

20-9-26.

+++++++++

प्रकाश का दीप,

 बिजली के आविष्कार के पहले,

 मशाला ही।

 बयां के नीड़ में जुगुनू।

 अंधे के लिए ब्रैल।

अज्ञानी के लिए ज्ञान।

बिजली के आविष्कार के बाद,

 पहाड़ से नीचे देखो,

 तारों की चमक।

 मंदिर के अंधेरे गर्भ-गृह में 

प्रकाश ही प्रकाश।

टार्च लैट में प्रकाश के दीप।

 अब मोबाइल में दीप।

 सिद्धार्थ  के ज्ञान प्राप्ति के बाद 

एशिया की ज्योति।

पुत्र के जन्म लेने पर

 कुल दीप।

 प्रकाश के दीप में 

 रोशनी।

 ज्ञान के दीप में 

 अज्ञानांधकार का दूर।

   सूर्य भी दीप। 

   चंद्र भी दीप।

 प्रकाश का दीप ही ईश्वर।

 अनुग्रह दीप।

 नौकरी और वेतन

 जीवन चलाने के दीप।

 दीपावली में दीप ज्योति।

 प्रकाश के दीप में 

 आकाश दीप 

 जहाज के मार्गदर्शन के लिए।

नयन दीप न तो अंधा।

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