विश्व शिक्षक दिवस
एस.अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु
6-10-26.
मानव में मानवता भरने,
जीविकोपार्जन के लायक बनने
सत्य असत्य समझाकर
विनम्रता सिखाने
अनुशासन सिखाने
अच्छी चाल चलन सिखाने,
भरी सभा में अपने विचार निर्भय प्रकट करने,
एक मार्ग दर्शक
अज्ञान अंधकार मिटाने वाले,
आत्मज्ञानी गुरु देव
आधुनिक काल में
अध्यापक
वे सीढी है
उनके सम्मान करने
विश्व शिक्षक दिवस
मनाया जाता है।
माता-पिता गुरु देव हैं।
कबीर तो कहते हैं
ईश्वर और गुरु दोनों एक साथ आएँगे तो
मैं गुरु के चरणों में नमस्कार करूंगा क्योंकि उन्होंने ही
ईश्वर के दर्शन का मार्ग दिखाया।
हम कुछ बनते हैं
हमारी तरक्की हुई हैं तो मूल में है शिक्षा और शिक्षक।
सादर प्रणाम।
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