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Wednesday, August 19, 2026

नेकी की छाँव

 नेकी की छाँव।

 एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु 

20-8-26

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नेक रहना श्रेष्ठ है।

 नेकी की छाँव में 

 रहना हिफाजत है।

 संगति का फल

 भलाई में है।

 

 हमें ज़रूरत के समय मदद करनेवाले हमारे लिए सज्जन हैं।

सज्जनता में धर्म है, 

परोपकार है,सत्य है।


भलाई करने पर

 हमारे दायरे में नाम मिलेगा।

 दोस्ती मिलेगी।

हम समाज के 

विश्वास पात्र बनेंगे।

बुराई करने पर

 हमारा मन  बेचैन होगा।

 भलाई करने पर चैन की नींद सोएँगे।

मानसिक हलचल न होगा।

 शांति मिलेगी।

 ईश्वर का अनुग्रह मिलेगा।

 नेकी की छाया 

 संतोष देगी।

बद विचार 

सद विचार में बदलेगा।

 सदाबहार है 

नेकी की छाँव में।





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