आज की चुनौती
आईने का सच
एस. अनंत कृष्णन, चेन्नई, तमिलनाडु
31-8-26
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आईना
ज्यों का त्यों
सामने वाले का रूप
दिखाता है—
सुंदर हो या कुरूप,
सच को छिपाता नहीं।
आजकल
जो आँखों के सामने
स्पष्ट दिखाई देता है,
उसे भी
आईने का सच कहते हैं।
चेहरा
मन का आईना है।
मनुष्य का सुख-दुःख
चेहरे पर
दिखाई पड़ता है।
मन की बातें
चेहरे से प्रकट हो जाती हैं।
चेहरे से पता चलता है—
वह सत्यवादी है
या असत्यवादी,
अमीर है
या गरीब।
बोली से पता चलता है
वह शिक्षित है
या अशिक्षित।
कदम रखने के ढंग से
पता चल जाता है
कि वह नशे में है
या नहीं।
हँसी से भी
कभी-कभी पता चलता है
कि सामने वाला
सरल है
या छली-कपटी।
चेहरे के भावों से
रोगी और निरोगी का
भी अनुमान लगाया जा सकता है।
आईना केवल चेहरा दिखाता है,
पर चेहरा
कभी-कभी मनुष्य का
पूरा सच दिखा देता है।
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