गंगा दशहरा।
एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई।
25-5-26.
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भारत भूमि पुण्य भूमि।
दिव्य भूमि।
यहाँ की जीव नदियाँ,
अति पवित्र,
ईश्वरीय शक्ति का प्रत्यक्ष देन।
गंगा की उत्पत्ति
भगीरथ की कठोर तपस्या।
शिव के सिर पर धारण।
गंगोत्री से बहती गंगा।
भागिरथी नाम की गंगा।
उसका जन्म दिन गंगा दशहरा।
पतित पावनी पाप विमोचनी गंगा।
अनेक तिर्थस्थान,
मंदिरों के तट।
गंगा आरती रोज़।
गंगा और गंगा तट पर
नहाने का मौका नहीं तो
पवित्र नदियों के नामों का मंत्र जाप निम्नलिखित हैं :--
मंत्र जाप: स्नान करते समय 'गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वती, नर्मदे सिन्धु कावेरी जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु' मंत्र का जाप करना फलदायी होता।
जय जय गंगे।
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