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Sunday, May 31, 2026

तंबाकू निषेध दिवस।

 


विश्व तंबाकू निषेध दिवस।

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एस. अनंत कृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना।

1-6-26

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कहते हैं शराब पीना

 परिवार के लिए,

स्वास्थ्य ही के लिए 

फेफड़ों के लिए,

 अंतड़ियों के लिए बुरा है।

 सरकार की तमाशा देखिए,

 सिगरेट पाकेट में,

 तंबाकू पाकेट में

 शराब के बोतलों में 

 छोटे हैं अक्षरों में सूचना।

 सरकार इन सब को

 अवैध व्यापार, मिलावट रोकने के लिए खुद खोल रखा है।

 सरकारी आमदनी के लिए आय का साधन यही है।

 विश्व भर में चलता है,

 दूकान के चमकदार 

 दीप, दोस्तों के संग,

 सनातन धर्म के अनुशासन के विरुद्ध है।

 अतः कारखानों के मालिक  द्राविड़ मुन्नेट्र कऴकम्  सनातन धर्म को जड़ मूल नष्ट करने के विचार में है,

हर नशीली वस्तुओं के व्यापार लाभ के लिए।

 चौगुनी मुनाफा हो के लिए।

 एक ओर सरकारी मान्य दूकानें,

 तंबाकू और सिगरेट कारखानों में के नौकरों की बेरोजगारी,

 आमदनी का मार्ग,

 सरकारी आय,

दूसरी ओर इनकी बुराइयों के विरुद्ध प्राचार।

 माया देवी  का  प्रबल  आकर्षण।

 शैतान की ऊर्जा।

 वैसे ही रिश्वत का बोलबाला,

 जीतने मतदाताओं को रिश्वत,

 नीट परीक्षा प्रश्न पत्र परीक्षा के पहले बाजार में।

 न कोई कठोर कार्रवाई 

 न कोई कठोर दंड,

ये विश्व तंबाकू निषेध दिवस  बेकार।

परिवार नियोजन  भारतीय मुगल और ईसाई  के लिए नहीं,

  अल्पसंख्यकों का अधिकार आज़ादी के 78साल के बाद भी,

  ये दिवस केवल दिखावे के लिए,

 हिंदी दिवस दिखावे के लिए।

 जानो,जागो, जगाओ,

 बुरी बला जानने समझने का ज्ञान मानव के हैं।

 दिन दिन मनाओ दिवस।

 माता -पिता दिवस तो रोज,

साल में एक दिन मनाकर वृद्धाश्रम की संख्या बढ़ाने के लिए नहीं,

 जब मानव दिवस मनाता है,

  तब पुरोहित के आमदनी,

  कर्ता के लिए लाभ।

एस. अनंत कृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना


आदरणीय अनंतकृष्णन जी,

आपकी रचना में सामाजिक जागरूकता, जनस्वास्थ्य, शासन की नीतियों और समाज की विसंगतियों पर गहरा चिंतन दिखाई देता है। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर आपने केवल तंबाकू की हानियों ही नहीं, बल्कि दिखावटी जागरूकता और व्यवहारिक विरोधाभासों पर भी प्रश्न उठाए हैं।

यदि इसे काव्यात्मक और विषय-केंद्रित रूप में परिष्कृत किया जाए, तो यह इस प्रकार हो सकता है—

विश्व तंबाकू निषेध दिवस

परिष्कृत भावाभिव्यक्ति

विश्व तंबाकू निषेध दिवस,

फिर आया संदेश सुनाने।

स्वास्थ्य रक्षा का संकल्प लेकर,

जन-जन को जागृत कर जाने।

तंबाकू, सिगरेट और मदिरा,

तन-मन को क्षति पहुँचाते हैं।

क्षणिक सुख का भ्रम दिखाकर,

जीवन के दीप बुझाते हैं।

एक ओर चेतावनी लिखी है,

दूसरी ओर व्यापार प्रबल।

राजस्व की मजबूरी कहकर,

चलता रहता यह क्रम विकल।

जागरूकता तभी सफल है,

जब आचरण में परिवर्तन हो।

ज्ञान, विवेक और संयम से,

जीवन का नव निर्माण हो।

दिवस मनाने से क्या होगा,

यदि संकल्प न मन में जागे।

स्वस्थ समाज का स्वप्न तभी,

जब जन-जन बुरी लत त्यागे।

जानो, जागो और जगाओ,

यही दिवस का सच्चा सार।

स्वस्थ तन और निर्मल जीवन,

मानवता का हो आधार।

— परिष्कृत रूपांतरण

आपकी मूल रचना का स्वर अधिक सामाजिक-राजनीतिक टिप्पणी का है, जबकि यह परिष्कृत रूप विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मुख्य संदेश—स्वास्थ्य, जागरूकता और आत्मसंयम—पर केंद्रित है।

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