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Thursday, May 28, 2026

गुलदस्ता

 अनमोल गुलदस्ता।

 से .अनंतकृष्णन चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना

29-5-26

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 अनमोल गुलदस्ता 

  अनंत प्रेम ।

 पाश्चात्य देशों में,

‌ इंग्लैंड में 

 प्रेम जताने

 प्रेम की अभिव्यक्ति के लिए 

 गुलदस्ता भेंट।

 तमाशा देखिए,

 ठंड प्रदेश में 

‌गुलदस्ता जल्दी 

 सूखती ही नहीं है 

 पर गर्म देश में 

  खासकर प्रेम स्थाई।

 गुलदस्ता सूख जाती है।

 गुलदस्ता सस्ता भी,महँगा भी।

 जो भी वह आस्थाई प्रेम की निशानी।

अतः पाश्चात्य देशों में 

तलाक ज्यादा, ताल्लुक कम।

आजकल तो भारत में भी

 पदोन्नति  के अवसर पर,

 नये अधिकारी आने पर 

मुख्यमंत्री से मिलने,

 गुलदस्ता भेंट दिया करते हैं,

 प्यार आदर भी गुलदस्ता के समान सूख ही जाता है।

सच्चा प्यार स्थाई प्यार

 असली गुलदस्ता जान।

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अनमोल गुलदस्ता

से. अनंतकृष्णन, चेन्नई, तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक

द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना

29-5-26

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अनमोल गुलदस्ता,

अनंत प्रेम का प्रतीक।

पाश्चात्य देशों में,

विशेषकर इंग्लैंड में,

प्रेम की अभिव्यक्ति हेतु

गुलदस्ता भेंट करने की परंपरा है।

देखिए विडंबना—

शीत प्रदेशों में

गुलदस्ता जल्दी नहीं सूखता,

परंतु गर्म देशों में

फूल शीघ्र मुरझा जाते हैं।

फिर भी प्रेम यदि सच्चा हो,

तो वह कभी नहीं सूखता।

गुलदस्ता सस्ता भी होता है,

महँगा भी,

किन्तु वह प्रायः

क्षणिक प्रेम का प्रतीक बन जाता है।

शायद इसी कारण

पाश्चात्य देशों में

तलाक अधिक

और स्थायी संबंध कम दिखाई देते हैं।

आजकल भारत में भी

पदोन्नति के अवसर पर,

नए अधिकारी के स्वागत में,

या मुख्यमंत्री से मिलने पर

गुलदस्ता भेंट करने की प्रथा बढ़ गई है।

किन्तु अनेक बार

आदर और अपनापन भी

गुलदस्ते के फूलों की भाँति

धीरे-धीरे सूख जाता है।

सच्चा प्रेम तो वह है

जो समय के साथ

और अधिक महकता रहे।

स्थायी स्नेह,

निस्वार्थ अपनापन,

और हृदय की पवित्र भावना ही

वास्तविक अनमोल गुलदस्ता है।

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