विश्व हिंदी पत्रिका दिवस।
एस. अनंत कृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना।
31-5-26
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भारत में खडीबोली
हिंदी भाषा का
रूप धारण,
अति आश्चर्य
चकित विकास।।
1826,30मई को
पहला समाचार पत्र निकला कोलकाता में।
जुगल किशोर मार्तांड
उसके संपादक थे
जुगल किशोर शुक्ल।
तब से पत्रिकाओं के विविध रूप,
साप्ताहिक, पाक्षिक, त्रैमासिक, अर्द्ध वार्षिक,
वार्षिक , स्कूल कालेज वार्षिक मेगज़ीन।
धर्म युग, कादंबरी,
चंपक ,चंदा मामा ,
और असंख्य पत्रिकाएँ
वैश्विक साहित्य नामक
त्रैमासिक पत्रिका
डाक्टर पी.के. अग्रवाल। द्वारा प्रकाशित,
अंतर्जाल के आने के बाद
ई मेगज़ीन।
लोगों को अपने
विचार लिखने,
जनता में देश प्रेम जगाने,
सामान्य ज्ञान जानने की जिज्ञासा पूरी करने,
विश्व भर में हर देश में
हिंदी पत्रिकाएँ प्रकाश होती हैं।
दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, चेन्नई से
हिंदी समाचार,
साहित्य पत्रिका,
तिरुचिरापल्ली सभा ,
केरल हिंदी प्रचार सभा,
हैदराबाद सभा आदि से
पत्रिकाएँ
हिंदी के विकास जानने,
राजभाषा है चौपाल,
नागरी लिपि प्रचार सभा द्वारा पत्रिकाएँ,
विश्व भर के लोगों के हिंदी प्रेम, लेख कविता, निबंध, संस्मरण साझा किया करना
हिंदी प्रगति का प्रमाण है।
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