संकल्प और ऊँचाइयाँ
हर मानव को चाहिए
एक दृढ़ संकल्प!
ज्ञानवृद्धि का संकल्प,
उच्च शिक्षा पाने का संकल्प,
उच्चतम पद प्राप्त करने का संकल्प।
सुशील एवं सुसंस्कृत परिवार के
पुत्र या पुत्री से
विवाह करने का संकल्प।
सुपुत्र-सुपुत्री के
लालन-पालन,
शिक्षा-दीक्षा और
चरित्र-निर्माण का संकल्प।
समाज और देश की सेवा का संकल्प,
बड़े-बड़े अनुसंधान करने का संकल्प,
समाज-कल्याण का संकल्प।
जलाशयों, नदियों, नालों और समुद्रों को,
सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों को
स्वच्छ रखने का संकल्प।
प्रदूषणमुक्त धरती,
स्वच्छ पर्यावरण बनाने का संकल्प।
दुर्गम पहाड़ों और घने जंगलों में
नई खोज करने का संकल्प।
संकल्प के बिना किए गए कार्यों में
लक्ष्य से भटकने का,
पीछे हटने का
अवसर अवश्य रहेगा।
ऊँचाइयों पर चढ़ना है तो
संकल्प ही साथ देगा।
हर कार्य को उसकी मंज़िल तक पहुँचाने की
मन में ठान लेना,
अपने लक्ष्य पर दृढ़ रहना,
सफलता की सीढ़ियाँ चढ़ने का
सार्थक मार्ग है।
संकल्प मनसा, वाचा, कर्मणा लेना चाहिए।
कर्तव्य-पालन,
वचन-पालन,
सत्य का पालन,
ईमानदारी से जीवन-यापन,
और अपने कदम निरंतर
आगे बढ़ाते रहना—
यह सब
दृढ़ संकल्प से ही संभव है!
संकल्प और ऊँचाइयाँ
एस. अनंत कृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना
1-11-26.
हर मानव को चाहिए
संकल्प ।
ज्ञानवृद्धि का संकल्प।
उच्चतम शिक्षा पाने का संकल्प।
उच्चतम पद पाने का संकल्प।
भद्र कुल के माता-पिता के
पुत्र /पुत्री से शादी कर लेने का संकल्प।
सुपुत्र सुपुत्री के
लालन पालन
शिक्षा दीक्षा,
चरित्र गठन का संकल्प।
समाज,देश की सेवा करने का संकल्प।
बड़े बड़े अनुसंधान करने का संकल्प।
समाज कल्याण का संकल्प।
जलाशय, नदी नाले
समुद्र ,
सड़क आदि को
साफ़ साफ़ रखने का संकल्प।
प्रदूषण रहित धर्ती
स्वच्छ रखने का संकल्प।
दुर्गम पहाड, जंगल आदि की खोज का संकल्प।
संकल्प रहित
कार्य में उपलक्ष्य का,
लक्ष्य से पीछे हटने का
अवसर अवश्य होगा।
ऊँचाई पर चढ़ना है तो
संकल्प साथ देगा ही।
हर कार्य के मंजिल तक पहुँचने
कसम खाना,
अपने लक्ष्य पर
दृढ़ रहने बनने में
सार्थक होने की सीढ़ी है।
संकल्प मनसा वाचा कर्मणा लेना चाहिए।
कर्तव्य पालन,
वचन पालन,
सत्यपालन,
ईमानदारी,
अपने कदम
आगे ही रखना,
संकल्प से ही है संभव।
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