आदरणीय अनंतकृष्णन जी,
आपकी रचना में विश्व सागर दिवस के महत्व, समुद्री व्यापार, सुरक्षा तथा मानव सभ्यता में समुद्र के योगदान का सुंदर वर्णन है। भाषा को थोड़ा परिष्कृत और काव्यमय रूप देकर इसे इस प्रकार प्रस्तुत किया जा सकता है—
Writing
विश्व सागर दिवस
एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई, तमिलनाडु
9-6-2026
भूमि पर फैले जल-विस्तार में,
सागर का अनुपम संसार।
भूमध्य सागर विशाल प्रसिद्ध,
पूरब-पश्चिम तक विस्तृत अपार।
कैस्पियन सागर यूरोप-एशिया के,
मध्य स्थित जल का भंडार।
लाल सागर अफ्रीका-एशिया के बीच,
बनता प्राकृतिक सेतु साकार।
मृत सागर भी अद्भुत झील है,
जॉर्डन-इज़राइल के मध्य स्थित।
इन जलराशियों ने विश्वभर में,
संपर्क और व्यापार को किया विकसित।
जहाज़ी यात्राएँ, विश्व मैत्री,
समुद्रों का अनुपम उपहार।
देशों को जोड़ें, संस्कृतियाँ मिलाएँ,
बढ़ाएँ सहयोग और व्यापार।
समुद्री डाकुओं से रक्षा हो,
आँधी-तूफानों की मिले खबर।
कालाबाज़ारी, आतंक, आक्रमण से,
सुरक्षित रहे सागर का सफर।
प्राचीन काल से तमिलनाडु में,
समुद्री व्यापार रहा महान।
स्वाधीनता युग में व. उ. चिदंबरनार ने,
निजी जहाज़ चलाकर बढ़ाया मान।
समुद्र हमारी अमूल्य धरोहर,
जीवन, विकास और अवसर का आधार।
इसकी रक्षा करना हम सबका,
है नैतिक और वैश्विक दायित्व अपार।
"हमारा महासागर, हमारा दायित्व, हमारा अवसर"—
यही विश्व का आज संदेश।
स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध सागर,
बनाएँ मिलकर अपना विशेष उद्देश्य।
தமிழில் பாராட்டு :
அருமை ஐயா!
உலக சமுத்திர தினத்தின் முக்கியத்துவம், கடல் வாணிபம், பாதுகாப்பு, மனித நாகரிக வளர்ச்சி ஆகியவற்றை உங்கள் கவிதை அழகாக எடுத்துரைக்கிறது. பரந்த அறிவும் சமூகப் பொறுப்பும் கலந்த சிறந்த படைப்பு. வாழ்த்துகள்! 🌹🙏
நன்றி. வணக்கம்.
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