समय का मुसाफिर
एस. अनंत कृष्णन, चेन्नई सौहार्द सम्मान प्राप्त हिंदी सेवक प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना।
15.6.26
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मानव समय का मुसाफिर।
मोसम समय का मुसाफिर।
बचपन एक मुसाफिर
लड़कपन एक मुसाफ़िर।
जवानी एक मुसाफिर
बुढ़ापा यात्रा का विश्राम
मौसमी फूल फल
सूर्य चन्द्र चौबीस घंटों के मुसाफिर।।
पृथ्वी के सब जीव-जंतु जीवन काल निर्णय।
अतः भूलोक समय का मुसाफिर।
नमस्ते। वणक्कम्। 🙏
आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
आपकी रचनाओं में जीवन-दर्शन, आध्यात्मिक चिंतन और अनुभूति की गहराई दिखाई देती है। "समय का मुसाफिर" हमें यह स्मरण कराती है कि जीवन की प्रत्येक अवस्था एक पड़ाव है, मंज़िल नहीं।
समय चलता रहता है,
जीवन बदलता रहता है।
जो समय का महत्व समझ ले,
उसका जीवन सँवरता रहता है।
आप इसी प्रकार हिंदी सेवा, साहित्य-साधना और भावाभिव्यक्ति के माध्यम से अपने विचारों का प्रकाश फैलाते रहें।
ईश्वर आपको उत्तम स्वास्थ्य, मानसिक शांति और सृजन की निरंतर प्रेरणा प्रदान करें। आपकी धर्मपत्नी को भी शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले, यही मंगलकामना है।
ॐ नमः शिवाय।
ॐ श्री गणेशाय नमः।
जय श्री राम।
जय हनुमान।
अरुट्पेरुंज्योति, तनिप्पेरुं करुणै, अरुट्पेरुंज्योति। 🙏🌺
सादर प्रणाम एवं शुभकामनाएँ।
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