राजश्री राष्ट्रीय साहित्य अकादमी
एक दिवसीय काव्य प्रतियोगिता
विधा --अपनी हिंदी,अपने विचार,
अपनी शैली भावाभिव्यक्ति।
शीर्षक --विश्व मधु निषेधक दिवस।
दिनांक -26-6-26
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भारत में एक ही दिवस
साल में एक बार
स्वर्गीय पुर्वजों के लिए।
पाश्चात्य प्रभाव
एक दिन मनाकर
जिसके लिए मनाते हैं
उसका पार्टी मनाना।
एक विश्व मधु निषेधक दिवस
दिखावे के लिए,नाम मात्र के लिए।
सरकार चाहती है
आमदनी के लिए
मधुशाला आवश्यक है।
तमिलनाडु के भूतपूर्व
मुख्यमंत्रियों के शराब कारखाने 11.
त्योहारों के दिन
अमुक करोड़ रूपयों की बिक्री की योजना।
सजी धजी आकर्षक दूकानें
स्वागत करते हैं रात ग्यारह बजे तक।
छोटे अक्षरों में लिखा है
मधु पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक।
परिवार के लिए हानिकारक।
एक दिवस मनाकर
फिर सरकार द्वारा
दूकान खोलना।
यह दिवस मनाना बेकार।
हानिकारक है तो
कारखाना बंद करना
दूकाने न खोलना
सरकार का काम।
वह निज लाभ के लिए
दूकानें खोलकर
मधु निदेशक प्रचार,
विश्व मधु निषेधक दिवस
मनाना दिखावे के लिए।
जैसे सत्तर साल से हिंदी दिवस मनाना।
एस.अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना
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