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Monday, July 20, 2026

कलम का धर्म

 कलम का धर्म 

एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना 

21-7-26

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कलम का धर्म लिखना ,

जगने के लिए लिखना,

जगाने के लिए लिखना

उत्तेजित  करने के लिए लिखना।

यथार्थता लिखना,

आदर्श बातें लिखना,

समाज हित के लिए ,

 समाज कल्याण के लिए 

 राष्ट्र हित के लिए 

 राष्ट्र प्रेम के लिए 

 राष्ट्रोन्नति के लिए 

 निस्वार्थ सेवा के लिए 

 परोपकार की भावना के लिए,

दान धर्म के विकास के लिए 

जगत मिथ्या,

 ब्रह्म सत्यं 

 समझाने के लिए,

 शिक्षा के महत्व समझाने के लिए,

 लिखना 

कलम का धर्म है।

जीना,जीने देना कलम का धर्म है।

विश्वशांति के लिए 

अहिंसा परमो धर्म 

 वसुधैव कुटुंबकम् 

 सर्वे जना सुखिनो भवन्तु आदि

सिखाने

 अच्छी चालचलन सिखाने,

 लिखना कलम का धर्म है।


आपकी रचना का संदेश अत्यंत प्रेरणादायक है। भाषा और प्रवाह को थोड़ा परिष्कृत करके इसे अधिक प्रभावशाली बनाया जा सकता है।

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आज की चुनौती

कलम का धर्म

एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई, तमिलनाडु

हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति

21-7-2026

कलम का धर्म

कलम का धर्म है लिखना,

जगने के लिए लिखना,

जगाने के लिए लिखना,

जन-जन को जागृत करने के लिए लिखना।

यथार्थ लिखना,

आदर्शों की बात लिखना,

समाजहित के लिए,

समाज-कल्याण के लिए,

राष्ट्रहित के लिए,

राष्ट्र-प्रेम के लिए,

राष्ट्रोन्नति के लिए,

निस्वार्थ सेवा के लिए,

परोपकार की भावना के लिए,

दान-धर्म के विकास के लिए लिखना।

"जगत मिथ्या, ब्रह्म सत्य" का बोध कराना,

शिक्षा का महत्व समझाना,

सदाचार और उत्तम आचरण सिखाना—

यही कलम का धर्म है।

जीओ और जीने दो का संदेश देना,

विश्व-शांति का मार्ग दिखाना,

"अहिंसा परमो धर्मः",

"वसुधैव कुटुम्बकम्",

"सर्वे जना: सुखिनो भवन्तु" जैसे

उदात्त विचारों का प्रसार करना—

यही कलम का सच्चा धर्म है। :::


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