श्री राम साहित्य सेवा संस्थान,अयोध्या उत्तर प्रदेश को नमस्कार। वणक्कम्।
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मानव जन्म कर्मफल का परिणाम।
मानव जन्म में
पारिवारिक बंधन,
रिश्ते-नातेदारों का बंधन,
इष्ट मित्रों के प्रति
अंधे प्रेम,
परिणाम
स्वार्थ मय जीवन,
एक पक्षीय कार्रवाई
तटस्थता रहित जिंदगी,
अधूरी इच्छाएँ,
मृत्यु
पुनर्जन्म।
अतः मानव जीवन में
अनासक्त रहना,
ईश्वर के प्रति लगन।
राम नाम जपना,
सांसारिक
बंधनों से दूर रहना,
"राम-नाम-मनि-दीप धरु, जीह देहरी द्वार।तुलसी भीतर बाहिरौ, जौ चाहसि उजियार॥"
अतः पुनर्जन्म न लेना है तो केवल राम नाम जपना अनासक्त जीवन बिताना।
यही भारतीय आध्यात्मिक सीख।।
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