खुशियों की चाबी
एस.अनंतकृष्णन्
चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना
23-7-26
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चाबी का काम बंद कमरे को खोलना।
खुशियों की चाबी का मतलब संताप के अंधेरे से बाहर आना।
वह चाबी है,
अपने लक्ष्य पर
दृढ़ रहना।
मार्ग के अन्य आकर्षणों से बचना।
चक्रव्यूह के समान
राह में अड़चनें,
ईर्ष्यालु सब आएँगी।
चाबी खुशियों के लिए
ज्ञान का प्रयोग,
चतुराई आदि।
सदा चाहिए सकारात्मक सोच।
हार में हतोत्साहित नहीं होना।
सदा कामयाब के चिंतन में रहना।
स्वस्थ तन,मन,तन
अध्यवसाय आदि
सफलता की चाबी।
सुविचार, सद्चिंतन,
वचन में पक्का,
करने में लग्न।
ये हैं सफलता की चाबी।
आज की चुनौती
खुशियों की चाबी
एस. अनंतकृष्णन्
चेन्नई, तमिलनाडु
हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना
23-7-26
चाबी का कार्य
बंद कमरे का द्वार खोलना है।
खुशियों की चाबी का अर्थ है—
संताप के अंधेरे से
आशा के उजाले में आना।
यह चाबी है—
अपने लक्ष्य पर
दृढ़ बने रहना,
मार्ग के आकर्षणों से
स्वयं को बचाए रखना।
जीवन के चक्रव्यूह में
अनेक बाधाएँ आएँगी,
ईर्ष्यालु लोग भी
रास्ता रोकने का प्रयास करेंगे।
खुशियों की चाबी है—
ज्ञान का सदुपयोग,
विवेक, चतुराई
और सकारात्मक सोच।
हार से
कभी हतोत्साहित न हों,
सदैव सफलता का
सकारात्मक चिंतन करें।
स्वस्थ तन,
स्वस्थ मन,
निरंतर अध्यवसाय,
सुविचार, सद्चिंतन,
वचन का पालन
और कर्म के प्रति लगन—
यही हैं
सफलता और
खुशियों की सच्ची चाबियाँ।
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