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Saturday, July 18, 2026

अंध भक्ति में भला नहीं।

 अंध भक्ति में भला नहीं।


अंध भक्ति प्रह्लाद में अपने पिता के प्रति नहीं।

अंध। भक्ति के कारण एकलव्य अंगूठा को बैठा।

कर्ण  अपने पुण्य को बैठा।

 हरिश्चंद्र अपने जीवन को बैठा।

 सीता  को संन्यासी वेशधारी रावण को भक्त समझकर लक्ष्मण रेखा पारकर रावण के अशोक वन  में रहना पड़ा।

 पिता के अंधभक्ति के कारण रावण के बेटा

प्राण को बैठा।

 अंध भक्ति तोड़कर 

 कार्तिकेय तमिलनाडु पलनी शहर में आकर 

‌तमिल भगवान बन गये।

 पिताजी को उपदेश देकर 

 स्वामि नाथ बन गये।

 अंध भक्ति प्रेम के कारण 

 भ्रष्टाचारी नेता  जीतता है।

 अभिनेता पर अंधविश्वास तमिलनाडु के शासक।

 यही अंध भक्ति अंधे प्रेम का परिणाम।


 



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