Search This Blog

Wednesday, January 28, 2026

हिंदी और तमिलनाडु प्रचारक

 You tube. सम्मान पत्र ठीक  है, लेकिन दर्शक कम।

 हमेशा की तरह प्रमाण पत्र देंगी तो 

बढ़िया रहेगा।

 हम  भी अलग संकलन करने की सुविधा होगी।

 इस शुभ कार्य में 

 धनी भारतीय भाषा प्रेमी

 सहयोग राशि भेज सकते हैं, कवियों को भी विशेष सम्मान दे सकते हैं।

आदि काल से भारतीय भाषाएँ व्यक्तिगत धनियों के कारण ही जिंदा है।

 लेखक सब धनी नहीं है।

 तमिलनाडु में तो नौकरी की संभावना ही हिन्दी के द्वारा नहीं।

तमिलनाडु के प्रचारक 

 त्यागी बनकर हिंदी की सेवा कर रहे हैं।

 खासकर तमिलनाडु के हिंदी सेवकों को प्रोत्साहित करना है।

 आप लोग हिंदी प्रोफेसर, हिंदी अधिकारी डाक्टरेट का ही हिन्दी सेवक मानकर बढ़िया रकम दे रहे हैं।

 तमिलनाडु में हिंदी सीखनवालों की संख्या डाक्टरेट लाखों कमानेवालों से नहीं,

 तन मन से हिंदी प्रचार सभा की उपाधि लेकर 

  हजारों प्रचारक हिंदी सबेरे और शामको हिंदी चाहकों को हिंदी सिखा रहे हैं। इनके समर्थन में 

 न केंद्र सरकार और न राज्य सरकार।

 ये LIC Agent के समान सभा के परीक्षार्थी संख्या के आधार पर कमिशन से जी रहे हैं।

 इनकी हालत न समझ कर उनको प्रोत्साहित न करके एक लाख दो लाख मासिक वेतन लेकर दस विद्यार्थियों के प्रोफेसर  को ही ‌प्रोत्साहित कर रहे हैं।

 तमिलनाडु में हिंदी प्रचारकों की हालत जानना है।

 कम आमदनी अधिक परिश्रम।

एस. अनंत कृष्णन, चेन्नई तमिलनाडु हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना।

  

 



No comments:

Post a Comment