सरदार वल्लभभाई पटेल : अखंड भारत के शिल्पकार
एस. अनंतकृष्णन, चेन्नई, तमिलनाडु
31-10-2026
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सरदार वल्लभभाई पटेल स्वतंत्र भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं प्रथम गृहमंत्री थे।
विभाजन के बाद अनेक रियासतों में बँटे भारत को एकजुट करके सशक्त एवं अखंड भारत के निर्माण में उन्होंने ऐतिहासिक भूमिका निभाई। हैदराबाद के निजाम की रियासत को भी भारतीय संघ में सम्मिलित कराने में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।
उनके दृढ़ संकल्प, साहस और निर्णय लेने की क्षमता के कारण ही उन्हें 'लौह पुरुष' कहा जाता है।
भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई में उन्होंने सक्रिय भाग लिया। खेड़ा सत्याग्रह, बारडोली सत्याग्रह, नमक सत्याग्रह तथा भारत छोड़ो आंदोलन जैसे आंदोलनों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्हें अनेक बार कारावास जाना पड़ा और वर्षों तक जेल में रहना पड़ा।
उस महान नेता की देशभक्ति, त्याग और राष्ट्रसेवा अतुलनीय थी।
स्वतंत्र भारत के प्रथम गृहमंत्री एवं उपप्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश की एकता, अखंडता और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महान योगदान दिया।
उनके नाम से प्रचलित निम्नलिखित प्रेरणादायक विचार आज भी हमारे लिए अनुकरणीय एवं स्मरणीय हैं। उनके विचारों को अपने जीवन में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उनके प्रेरणादायक विचार
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काम ही पूजा है।
कर्मशीलता और स्वावलंबन का मंत्र। -
शक्ति के अभाव में विश्वास किसी काम का नहीं है।
आत्मबल, साहस और राष्ट्रीय सुरक्षा की अनिवार्यता का संदेश। -
आज से हमें ऊँच-नीच और जाति-पंथ का भेद समाप्त करना होगा।
सामाजिक समरसता और समानता का संदेश। -
अनुशासन और विनम्रता के बिना स्वतंत्रता का कोई मूल्य नहीं है।
स्वतंत्रता के साथ कर्तव्य और मर्यादा का बोध। -
जुर्म करो मत, जुर्म सहो मत। जीना है तो मरना सीखो।
अन्याय के विरुद्ध साहसपूर्वक खड़े होने की प्रेरणा।
हमारी सच्ची श्रद्धांजलि
महापुरुषों की जयंती मनाना ही पर्याप्त नहीं है। उनके आदर्शों, विचारों और जीवन मूल्यों को अपने आचरण में अपनाना आवश्यक है।
राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, अनुशासन, साहस और निस्वार्थ देशसेवा के मार्ग पर चलना ही सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
जय हिंद!
वंदे मातरम्!