दैनिक चुनौती।
विश्व रक्तदान दिवस
एस.अनंतकृष्णन,चेन्नै
हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति रचना
17-6-26.
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भारत भूमि पुण्य भूमि।
सनातन दान है
अन्न दान, भू दान, रक्तदान, स्वर्ण दान, चाँदी दान, कन्यादान,
राष्ट्र को बचाने प्राण दान।
समय की माँग,
वैज्ञानिक युग में
चिकित्सा क्षेत्र में
अंगों के दान,
किडनी, लिवर, फेफड़े, हृदय, अग्न्याशय और छोटी आंत। जीवित रहते हुए भी एक किडनी या लिवर का एक हिस्सा दान किया जा सकता है।
हृदय दान, नेत्रदान मृत्यु के बाद।
रक्त दान
बार बार दे सकते हैं।
एक व्यक्ति हर तीन महीने अर्थात साल में चार बार दे सकते हैं।
दानी की उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
दानी का वजन कम से कम 45 किलो होना चाहिए।
रक्तदान के समय दानी पूरी तरह से स्वस्थ और ऊर्जावान होना चाहिए।
पियक्कड़ और रुग्णावस्था में दान नहीं दे सकते।
रक्त दान शल्य चिकित्सा के समय,
दुर्घटना में ब्लड की कमी होने पर रक्त की जरूरत है।
रक्त दान देने
रक्तदान केंद्र है।
रक्त दान पाने ,
रक्त दान महत्व समझाने
शिविर भी चलाते हैं।
सरकार दानियों को पैसे भी देती है।
सभी दानों में सर्वश्रेष्ठ दान रक्तदान।
रक्त दान के महत्व समझाने
रक्त दान दिवस मनाते हैं।
आदरणीय अनन्तकृष्णन जी,
आपकी रचना का भाव अत्यंत प्रेरणादायक है। विषय की महत्ता को ध्यान में रखते हुए इसे थोड़ा साहित्यिक एवं प्रवाहपूर्ण रूप में इस प्रकार प्रस्तुत किया जा सकता है:
विश्व रक्तदान दिवस
एस. अनन्तकृष्णन, चेन्नई
हिंदी प्रेमी प्रचारक द्वारा स्वरचित भावाभिव्यक्ति
17-06-2026
भारत भूमि पुण्य भूमि है,
दान की महान परंपरा यहाँ की शान है।
अन्नदान, भूदान, रक्तदान,
स्वर्णदान, रजतदान, कन्यादान,
और राष्ट्र रक्षा हेतु प्राणदान।
समय की माँग है कि
वैज्ञानिक युग में चिकित्सा क्षेत्र को
दान की महिमा से सशक्त बनाया जाए।
अंगदान के माध्यम से
किडनी, लिवर, फेफड़े, हृदय,
अग्न्याशय तथा छोटी आंत का दान
अनेक जीवनों में नव आशा जगाता है।
जीवित रहते हुए
एक किडनी अथवा लिवर का एक भाग
दान किया जा सकता है।
नेत्रदान और हृदयदान
मृत्यु के पश्चात भी
मानवता की सेवा का माध्यम बनते हैं।
रक्तदान ऐसा महादान है
जो बार-बार किया जा सकता है।
स्वस्थ व्यक्ति प्रत्येक तीन माह में
रक्तदान कर सकता है।
दानी की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच
और वजन कम से कम 45 किलोग्राम होना चाहिए।
रक्तदान के समय
दानी पूर्णतः स्वस्थ एवं ऊर्जावान हो।
मद्यपान करने वाले तथा रोगग्रस्त व्यक्ति
रक्तदान नहीं कर सकते।
शल्य चिकित्सा, दुर्घटनाओं तथा
रक्त की कमी से जूझ रहे रोगियों के लिए
रक्त अमूल्य जीवनदाता बनता है।
रक्तदान केंद्र तथा शिविर
जन-जन को इसके महत्व से परिचित कराते हैं।
मानवता की सेवा का यह श्रेष्ठ माध्यम
असंख्य प्राणों की रक्षा करता है।
आइए, हम सब संकल्प लें—
रक्तदान करें, जीवन बचाएँ।
सभी दानों में श्रेष्ठ है रक्तदान,
मानव सेवा का यह महान अभियान।
विश्व रक्तदान दिवस
हमें रक्तदान के महत्व का संदेश देता है
और मानवता के प्रति
अपने कर्तव्य का स्मरण कराता है।
"रक्तदान – महादान,
जीवन रक्षा का महान अभियान।"
सादर। 🙏🩸🌹