नेता जी सुभाष चंद्र बोस
एस. अनंतकृष्णन चेन्नई
19-8-26
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भारत के प्रमुख स्वतंत्रता संग्राम के नेता,
स्वाभिमानी ऐएएस उत्तीर्ण होकर भी
अंग्रेज़ी सरकार के अधीन नौकरी करने से मना कर दिया।
कांग्रेस के नेता चुने जाने पर भी,
कांग्रेस से मत भेद होकर,
आज़ाद हिन्द सेना की स्थापना की।
उन्होंने घोषणा की कि
मुझे खून दो,
मैं देश को आज़ाद दूँगा।
उनकी सेना में
आ सेतु हिमाचल से
सभी देश भक्त वीर
भाग लेने आये।
उस महान वीर सेनानी
जर्मन गये ।
हिटलर से मिले।
जापान आये।
सैना को आज्ञा दी दिल्ली चलो।
ऐसे वीर नेता के
पक्ष में मोहन दास करमचंद गांधीजी नहीं थे।
कांग्रेस के नेता चुने
जाने पर भी बोस
गांधीजी के कारण नेता न बने।
उन्होंने फार्वेडब्लाक की स्थापना की।
देश के लिए वीर धीर
साहसी नेता का स्वर्गवास
विमान दुर्घटना में हो गया।
पर जनता को इस पर विश्वास नहीं है।।
अनेक लोगों का विश्वास है कि
वै आज़ादी के बाद भी जिंदा रहे।
ऐसे महान नेता को वीर सलाम।
वीर वणक्कम्।